किसान क्रेडिट कार्ड का हुआ डिजिटलीकरण, आधा होगा लोन मिलने का समय

मोदी सरकार ने देश के किसानों से उनकी आय को 2022 तक दोगुना करने का वादा किया था, इस उद्देश्य को पुरा करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई किसानों को सस्ती दरों पर लोन दिया गया साथ ही उन्हे आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।

खैर किसानों की आमदानी बढ़ाने और बैंकिक सिस्टम तथा वित्तय सेवाओं से जोड़ने के लिए ये कोई पहली पहल नही है किसानों के आर्थिक विकास के लिए कई योजनाएं 90 के दशक से चलती आ रही हैं। 1998 में ऐसी ही एक महत्वकांक्षी योजना किसान क्रेडिट कार्ड योजना (kisan credit card yojana) शुरू की गई थी।

लेकिन 2020 में इस योजना को Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana से जोड़ दिया गया है जिसके तहत किसान Kcc का उपयोग करके 3 लाख तक का लोन 4% की ब्याज दर पर ले सकते हैं।

इसके अलावा अब PM Kisan Credit Cards को लेने के प्रोसेस को भी काफी Easy बनाया जा रहा है ताकि कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ ले सकें।

इसी कड़ी में यूनियन बैंक और फेडरल बैंक के द्वारा Kisan Credit Card के डिजिटलीकरण की कवायत शुरू हो चुकी है, जिसके तहत किसानों को Kcc प्रदान किये जाएगें। लेकिन इसके लिए उन्हे बैंको के चक्कर लगाने और अपने जमीनी दस्तावेजों को वेरीफाई कराने के लिए समय बर्बाद नहीं करना पडेगा।

तो दोस्तों आज के इस लेख में हम इसी विषय पर बात करेंगे और जानेंगे की Kisan Credit Card के डिजिटलीकरण से किसानों को क्या लाभ होगा और इसके लिए कैसे Apply करें।

लेकिन सबसे पहले जानते हैं की किसान क्रेडिट कार्ड योजना (Kisan Credit Card yojna) क्या है:

किसान क्रेडिट कार्ड योजना क्या है – Kisan Credit Card yojna in hindi

भारत सरकार द्वारा किसानों को कृषि सम्बन्धि कार्यों में आर्थिक सहायता देने के लिए 1998 में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) स्कीम को launch किया गया था।

इस स्कीम को NABARD (नेशनल बैंक फ़ॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) के द्वारा शुरू किया गया था। इस योजना को शुरू करने का उद्देश्य किसानों को शॉर्ट टर्म लोन प्रदान करना था।

पशुपालन, मछली पालन और कृषि से जोड़े कार्यों के लिए किसान KCC का यूज के सस्ती दरों पर लोन प्राप्त कर सकते हैं।

लेकिन इस योजना के तहत तभी लोन प्राप्त किया जा सकता है जब आपके पास KCC यानी किसान क्रेडिट कार्ड हो।

क्या है किसान क्रेडिट कार्ड – What is KCC in hindi

ग्रामीण इलाकों में किसानों को असंगठित क्षेत्रो जैसे सहूकारों या रिश्तेदारों से ऋण तो मिल जाता है लेकिन उस पर लगने वाली ब्याज दर काफी ज्यादा होती है, जिसके कारण कई बार किसान को कर्ज की ब्याज चुकाने के लिए भी ब्याज लेना पड जाता है, जिसके कारण वो कई बार कर्ज़ की जाल में फंस जाता है।

किसानों को इसी समस्या से बचाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत क्रेडिट कार्ड प्रदान किये गये जिन्हे किसान क्रेडिट कार्ड कहा गया। इस कार्ड के द्वारा न केवल किसानों को आसानी से लोन उपलब्ध कराया जाता है बल्कि उस पर ब्याज की दर भी बहुत मामूली होती है।

आमतौर पर Short term लोन पर आपको 4 प्रतिशत की ब्याज का भुगतान करना पडता है, जबकि कुछ मामलों में ब्याज दर 2 प्रतिशत या उससे भी कम हो सकती है। इन सब के अलावा पुनर्भुगतान का समय भी सुविधाजनक होता है।

किसान क्रेडिट कार्ड का होगा डिजिटलाइजेशन

किसान क्रेडिट कार्ड लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए Public sector lenders यूनियन बैंक और फेडरल बैंक के द्वारा एक पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।

इस पायलेट प्रोजेक्ट के तहत अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने के लिए land records की जांच कराने के लिए बैंको के चक्कर काटने की अवाश्यकता नही है, बल्कि आप घर बैठे इसके लिए online apply कर सकते हैं।

यूनियन बैंक ने इस स्कीम की शुरूआत मध्य प्रदेश के हर्दा डिस्ट्रिक्ट से की है तो वहीं फेडरल बैंक अपनी सेवाएं चेन्नाई में देना शुरू करेगी।

इस योजना की शुरूआत आरबीआई की ग्रामीण वित्त के डिजिटलीकरण की पहल के अंतगर्त हुई है।

देश भर में प्रदान की जाएगी सुविधा

यूनियन बैंक का कहना ही की वो इस स्कीम का देश के अन्य भागों तक विस्तार करेगा, फिलहाल इसकी शुरूआत यूनियन बैंक के MD और CEO ए. मणिमेखलाई की उपस्थिति में हर्दा जिले से की गई है।

बैंक के मुताबिक वह फ्लैगशिप डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट ‘संभव’ के जरिये किसान क्रेडिट कार्ड प्रोडक्ट्स के एंड-टू-एंड डिजिटलाइजेशन की सुविधाएं प्रदान करेगा।

इस योजना से देश के दूरस्थ क्षेत्रो के किसानों को लाभ मिलेगा साथ ही बैंक और किसानों की समय की भी बचत होगी, इसके साथ ही इससे ग्रामीण किसानों तक वित्तिय सेवाओं की पहुच बढ़ेगी।

डीजिटल तकनीक का होगा भरपूर इस्तेमाल

इस पुरे process को कुशल और त्रुटिमुक्त करने के लिए बैंकों के द्वारा डीजिटल तकनीक (digital capabilities) जैसे – ईकेवाईसी (eKYC), ईसाइन, (eSign) और APIs (Application Programming Interfaces) का भी उपयोग किया जाएगा।

किसानों को होने वाले लाभ

इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ छोटे और सीमांत किसाने को होगा क्योकि अब उन्हे छोटे लोन लेने के लिए बैंकों के चक्कर नही काटने पडे़गे।

किसान क्रेडिट कार्ड के डिजिटलीकरण से किसानों के उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका सकारात्मक असर होगा।

अब किसानों को कृषि से सम्बन्धित कर्ज लेने के लिए सहूकारों की दहलीज़ो के चक्कर काटने की जरूरत नही पडेगी क्योकि इस योजना के द्वारा उनको 3 लाख तक का लोन केवल 4% ब्याज दर पर दिया जाएगा।

आपको बता दें की किसान क्रेडिट कार्ड की शुरूआत  1998 में उस समय के वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के द्वारा की गयी थी ताकि किसानों की Low value loans की जरूरतों को पुरा किया जा सके।

समय की खासा बचत होगी

इस स्कीम का सबसे बडा फायदा ये होगा की Kcc प्राप्त करने में लगने वाला समय 1 महीने से घट कर 2 हफ्तों तक सीमित हो जाएगा साथ ही किसानों को डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बैंको में भटकने की भी जरूरत नही पडेगी।

केसीसी के लिए आप Mobile से चंद मिनटों में Apply कर सकते हैं और अगले 2 हफ्तों के भीतर आपको किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त हो जाएगा।

फिलहाल इस योजना का लाभ दो ही राज्यों के लोग उठा सकते हैं लेकिन धीरे – धीरे इसका विस्तार देश के अन्य राज्यों तक किया जाएगा।

किसानों को सबसे सस्ता लोन मिलेगा

वर्तमान में केसीसी के द्वारा सबसे सस्ता लोन मुहैया कराया जा रहा है आपको इसके आस – पास  इतने कम ब्याज दर पर लोन देने वाली कोई योजना नही मिलेगी।

Kcc का Use कर के किसान 5 साल में अधिकतम 3 लाख तक का लोन ले सकते हैं । इस लोन पर 9% दर पर ब्याज का भुगतान करना पडेगा।

लेकिन इस पर सरकार के द्वारा 2 प्रतिशत की सब्सिडी भी प्रदान की जाती और यदि किसान समय पर कर्ज चुका देता है तो उसको 2% की छूट अलग से मिलती है तो कुल मिला कर किसानों को 4%  की दर पर  लोन प्रदान किया जाता है।

डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे – Kcc benefits in hindi

1. किसी भी प्रकार के दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पडेगी।

2. कम समय में अधिकतम किसानों तक योजना को पहुचाया जा सकेगा।

3. वितरण तथा अप्रूवल का काम घंटो में निपट जाएगा।

4. निजी रूप से शाखा में नही जाना पडेगा।

5. आपकी जमीन का सत्यापन भी Online ही किया जाएगा। 

6. लोन लेने का प्रोसेस भी आसान बनेगा।

सारांश

So दोस्तों आज इस लेख के माध्यम से हमने आपको किसान क्रेडिट कार्ड के डिजिटलीकरण की पुरी जानकारी दी, हमें आशा है की आपको ये लेख पसंद आया होगा इसी तरह के अन्य लोगों को पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग से जुडे़ रहें।

Spread the love

Leave a Comment